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प्रियंका गांधी ने लिया जिम्मा, नंदिनी की आँखों में लौटेगी रौशनी

लखनऊ ब्यूरो। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी के प्रयासों से नंदिनी की आँखों की रौशनी वापस लौटने की उम्मीदें बंधी हैं। 6 साल पहले जब नंदनी की आंखों की रोशनी अचानक चली गई थी।

12 वर्षीय नंदिनी की आँखों की रौशनी उस समय जाती रही जब वह महज 6 वर्ष की थी। बीते 6 वर्षो से नंदिनी अंधेरा जीवन जीने को मजबूर है। नंदिनी के पिता मनोज और उसकी पत्नी दोनों ही मेहनत मजदूरी करके अपना और अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। उनके पास इतना पैसा नहीं है कि वह बच्ची का किसी अच्छे डॉक्टर या बड़े शहर में जाकर इलाज करा सकें।

पिछले दिनों प्रियंका गांधी जब ललितपुर के दौरे पर आई थीं, तो मनोज की पत्नी अपनी बेटी को लेकर उनकी गाड़ी के सामने खड़ी हो गई। प्रियंका ने दोनों से पूरी बात सुनी और नंदिनी की आँखों के इलाज का पूरा जिम्मा उठाने का आश्वासन दिया।

प्रियंका गांधी के निर्देश पर पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने बच्ची को झांसी बुलवाकर चिकित्सक से जांच कराई। लेकिन झांसी में डॉक्टर ने इस बच्ची के बीमारी को ठीक करने में असमर्थता जताई। अब प्रियंका गांधी ने इस बच्ची का इलाज कराने के लिए उसे दिल्ली बुलाया है।

नंदिनी के माता-पिता को भरोसा है कि प्रियंका गांधी के प्रयासों से नंदिनी के जीवन का अंधकार समाप्त हो जायेगा और वह फिर से दुनिया देख सकेगी। नंदिनी के पिता मनोज कहते हैं कि प्रियंका गांधी हमारे लिए एक फ़रिश्ते की तरह आई हैं। उन्होंने न सिर्फ हमारी पूरी बात सुनी बल्कि मदद करने के लिए तुरंत हामी भर दी।

नंदिनी के परिजन दिवाली के बाद अपनी बेटी को आँखों के इलाज के लिए दिल्ली लेकर जायेंगे। परिजनों को उम्मीद है कि प्रियंका गांधी की कोशिशें रंग लाएंगी और नंदिनी को नई ज़िंदगी मिल सकेगी।

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