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संघ के कर्मठ प्रचारक रहे हैं यौन उत्पीड़न के आरोपी इस्तीफा देने वाले मेघालय के राज्यपाल

नई दिल्ली । यौन उत्पीड़न के आरोपो का खुलासा होने के बाद अपने पद से इस्तीफा देने वाले मेघालय के राज्यपाल वी. षणमुगनाथन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के समर्पित प्रचारक रहे हैं और अविवाहित हैं । यौन उत्पीड़न का आरोप लगने के बाद राज्यपाल वी. षणमुगनाथनने गुरुवार को इस्तीफा सौंपा था। मेघालय के राज्यपाल पर अरुणाचल प्रदेश का अतिरिक्त प्रभार था।

एक महिला ने आरोप लगाया कि नवंबर महीने में राज्यपाल ने नौकरी के साक्षात्कार के लिए बुलाया था और वहां पर उसके साथ छेड़छाड़ की। द हाईलैंड पोस्ट ने महिला के हवाले से रिपोर्ट में लिखा है, “राज भवन में पीआरओ की पोस्ट के लिए इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था। वहां पर राज्यपाल ने मुझे हग किया और जबरन किस किया।”

गौरतलब है कि बुधवार को राजभवन के कर्मचारियों ने भी राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री राजनाथ सिंह को पांच पृष्ठों का पत्र भेजा था। इस पत्र पर 100 कर्मचारियों का हस्ताक्षर था। कर्मचारियों ने षणमुगनाथन पर राजभवन को ‘युवा महिलाओं का क्लब’ बनाने का आरोप लगाते हुए उन्हें वापस बुलाने की मांग की थी।

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने मेघालय के राज्यपाल वी. षणमुगनाथन का इस्तीफा शुक्रवार को मंजूर कर लिया है। तमिलनाडु से वरिष्ठ आरएसएस कार्यकर्ता 68 वर्षीय शानमुगनाथन ने बतौर राज्यपाल 20 मई 2015 को कार्यभार संभाला था।

शानमुगनाथन राजनीति शास्त्र में एम फ़िल कर चुके हैं और भाजपा के दिल्ली स्थित मुख्यालय में रिसर्च एंड डॉक्युमेंटेशन के प्रभारी के रूप में काम कर चुके हैं।  उन्होंने राष्ट्रवाद और हिंदू संस्कृति की महानता पर तमिल में तीन किताबें भी लिखी हैं।

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