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योगी आदित्यनाथ की वेबसाइट पर सफल महिलाओं को ‘राक्षसी’ बताने वाले लेख पर बवाल

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ की ऑफिशियल वेबसाइट पर महिलाओं पर प्रकाशित एक लेख से बवाल मच गया है। इस लेख में महिलाओं को लेकर लिखा गया है कि ‘महिलाओं को स्वतंत्र और मुक्त नहीं छोड़ना चाहिए।’

इस लेख के सुर्खियों में आने के बाद कांग्रेस ने बीजेपी और यूपी के सीएम पर निशाना साधा है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने इस लेख पर योगी आदित्यनाथ से माफी मांगने की मांग करते हुए जमकर निशाना साधा है। सुरजेवाला ने कहा कि जहां एक ओर पीएम मोदी महिलाओं को समानता का हक देने की बात करते हैं, वहीं ये लेख महिलाओं को लेकर बीजेपी की मानसिकता दर्शाता है।

हमारी सहयोगी अंग्रेजी वेबसाइट न्यूज एक्स के अनुसार ये लेख साल 2010 में योगी आदित्यनाथ के संगठन हिंदू युवा वाहिनी के मुखपत्र ‘हिंदवी’ में छपा था। उस वक्त संसद में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा हो रही थी. बीजेपी ने विधेयक का समर्थन किया था। लेकिन योगी आदित्यनाथ इसके खिलाफ थे. कांग्रेस का आरोप है कि लेख को योगी आदित्यनाथ के वेबपेज पर 12 अप्रैल को दोबारा पोस्ट किया गया है।

इस मामले में सुरजेवाला ने बीजेपी की सोच पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि इससे साबित होता है कि बीजेपी की सोच महिला विरोधी है। उन्होंने कहा कि मैं देश की 125 करोड़ लोगों की ओर से योगी से सवाल पूछना चाहता हूं कि क्या स्त्री या इस देश की महिलाएं स्वावलम्बी नहीं हो सकतीं?

सुरजेवाला ने कहा कि योगी आदित्यनाथ अपनी वेबसाइट में लिखते हैं कि महिलाओं को स्वतंत्र और मुक्त नहीं छोड़ना चाहिए। सुरजेवाला ने कहा कि आदित्यनाथ ने अपने लेख में लिखा है कि स्त्री शक्ति की रक्षा बचपन में पिता करता है, यौवन में पति करता है, बुढ़ापे में पुत्र करता है, इस प्रकार स्त्री सर्वथा स्वतंत्र या मुक्त छोड़ने योग्य नहीं है।

सुरजेवाला ने भाजपा से यह स्पष्टीकरण मांगा कि पार्टी यह बताए कि मां दुर्गा, काली, चामुंडा, लक्ष्मी बाई, रजिया सुल्तान से लेकर कैप्टन लक्ष्मी सहगल, इंदिरा गांधी, सोनिया गांधी, सुषमा स्वराज, मायावती, ममता बनर्जी से लेकर करोड़ों ऐसी महिलाओं के गौरवशाली योगदान पर उसके नेतृत्व की सोच भी योगी की तरह है।

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