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बाबरी मामला: आडवाणी, जोशी, उमा समेत अन्य भाजपा नेताओं का चलेगा केस!

नई दिल्ली। 1992 में अयोध्या में हुए बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी समेत अन्य आरोपियों पर केस चलता रहेगा। सर्वोच्च अदालत ने यह भी कहा कि केस लखनऊ में चल सकता है, लेकिन दो साल में सुनवाई पूरी हो जाए।

इससे पहले गुरुवार को सीबीआई की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में कहा गया कि लगभग 195 गवाहों को लखनऊ ट्रायल कोर्ट में पेश किया जा चुका है। लगभग 300 से ज्यादा लोगों की गवाही होनी बाकी है। वहीं रायबरेली कोर्ट में 57 गवाहों को पेश किया जा चुका है और 100 को पेश किया जाना है।

सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि बाबरी विध्वंस मामले में लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और बाकी लोगों के खिलाफ आपराधिक षडयंत्र के आरोप के मामले को फिर से देखा जाना चाहिए।  सीबीआई ने आपराधिक केस चलाने की मांग की।  वहीं सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि- दो साल में सुनवाई पूरी होने के आदेश देंगे।

सीबीआई ने कोर्ट से लखनऊ और रायबरेली केस की साझा सुनवाई की भी मांग की। सीबीआई ने लखनऊ कोर्ट में विशेष ट्रायल की मांग की। वहीं सीबीआई ने कोर्ट से 13 लोगों के खिलाफ केस चलाने की भी मांग की. सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि आपराधिक साजिश रचने के मामले में इन लोगों के नाम छूट गए थे। 1992 की घटना में आरोपियों के खिलाफ 2 एफआईआर दर्ज हुई हैं।

क्या है मामला

मामला अयोध्या ढांचा विध्वंस में साजिश का मुकदमा चलाने का है। सीबीआई ने एसएलपी दाखिल कर इन नेताओं सहित 11 लोगों को आरोपमुक्त करने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के 20 मई 2010 के आदेश को चुनौती दी है।

सीबीआई ने आडवाणी, जोशी, उमा भारती, कल्याण सिंह सहित उन सभी आरोपित नेताओं, जिनके खिलाफ रायबरेली की अदालत में मुकदमा चल रहा है, पर लखनऊ की विशेष अदालत में कारसेवकों के साथ संयुक्त ट्रायल चलाने की मांग की थी। पिछली सुनवाई पर कोर्ट ने सभी पक्षों को लिखित जवाब दाखिल करने की छूट दी थी।

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