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नजीब के घर क्या करने गयी थी पुलिस ?

नई दिल्ली । जेएनयू के लापता छात्र नजीब अहमद के परिवार का आरोप है कि बदायूं में उनके घर पर सुबह तड़के दिल्ली पुलिस की एक टीम पहुंची और तलाशी के नाम पर उनके घर का सारा सामान अस्तव्यस्त कर दिया और उनको परेशान किया गया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस टीम के सदस्यो ने नजीब के 90 वर्षीय नाना के साथ भी बदसलूकी की तथा परिजनों के मोबाईल फोन बंद करा दिए ।

नजीब के परिजनों का दावा है कि पुलसीकर्मियों की संख्या 50 के करीब थी । परिजनों ने बताया कि तड़के सुबह करीब चार बजे दिल्ली पुलिस के जवान बदायूं की स्थानीय पुलिस के साथ पहुंचे और अशरफ कादरी (नजीब के मामा) के घर में घुस गए। करीब 50 पुलिसकर्मी घर में जबरन घुसे थे।’’

परिवार के सदस्य ने कहा, ‘‘पुलिस के लोगों ने धमकी दी कि अगर परिवार के लोगों ने नजीब को कहीं छिपा रखा है तो उसे सामने लाएं। उन्होंने नजीब के 90 साल के नाना को भी परेशान किया।’’

वहीँ दिल्ली पुलिस ने इस आरोप से इंकार करते हुए कहा कि वह नजीब को लेकर मिले सुराग पर काम कर रही है। दिल्ली पुलिस के संयुक्त आयुक्त (अपराध) रवींद्र यादव ने कहा, ‘‘तलाशी अभियान हर संभावित स्थान पर चलाया जा रहा है। आज सुबह हमारी टीम ने बदायूं पुलिस के साथ उचित तलाशी ली. डीसीपी ने खुद टीम का नेतृत्व किया।’’

गौरतलब है कि जेएनयू हॉस्टल में एबीवीपी सदस्यों के साथ कथित मारपीट के बाद बीते 15 अक्तूबर से नजीब लापता है। पुलिस ने नजीब के बारे में सूचना देने पर 10 लाख रूपए के इनाम का ऐलान भी किया है। यहाँ एक अहम सवाल यह है कि आखिर दिल्ली पुलिस ने नजीब के घर क्यों छापेमारी की ?

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